वेब सीरीज समीक्षा: शिक्षा व्यवस्था की कमियों और सरकारी स्कूलों के हालातों पर पहले भी कई फिल्में और सीरीज बनी हैं, लेकिन ‘आदर्श बाल विद्यालय’ इसे बेहद मनोरंजक, हल्के-फुल्के और कॉमेडी के अंदाज में दर्शकों के सामने परोसती है। सात एपिसोड की यह सीरीज हंसाने के साथ-साथ गंभीर मुद्दों पर सोचने के लिए भी मजबूर करती है।
क्या है सीरीज की कहानी?
कहानी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से शुरू होती है। सरकार एक नई योजना का ऐलान करती है कि जिस स्कूल का बोर्ड रिजल्ट सबसे अच्छा रहेगा, उसके प्रिंसिपल को कैम्ब्रिज (इंग्लैंड) जाने का मौका मिलेगा।
स्कूल के हेडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते और कैम्ब्रिज जाने के सपने को पूरा करने के लिए अपनी पूरी टीचर टीम और बच्चों को पढ़ाई में झोंक देते हैं। इसके बाद शुरू होती है अड़चनों, हंसाने वाले मोड़ों और जमीनी समस्याओं की एक लंबी कड़ी। क्या हेडमास्टर साहब इंग्लैंड जा पाएंगे? यही इस सीरीज का मुख्य सस्पेंस है।
अभिनय: बड़ी स्टारकास्ट और बाल कलाकारों की जुगलबंदी
सीरीज का सबसे मजबूत पहलू इसका अभिनय है:
- केके मेनन (ज्ञानेश्वर त्रिपाठी): हेडमास्टर के किरदार में केके मेनन ने एक बार फिर साबित किया है कि वे हर रोल में ढल जाने वाले मंझे हुए कलाकार हैं।
- अर्चना पूरन सिंह: लोकल पार्टी कार्यकर्ता (उर्मिला) के रूप में उनका काम बेहतरीन है।
- देवेन भोजानी और अभिमन्यु सिंह: ‘गोल्डी’ के किरदार में देवेन भोजानी ने न्याय किया है, तो वहीं अभिमन्यु सिंह कड़क मिजाज टीचर के रूप में आपको अपने स्कूल के दिनों की याद दिला देंगे।
- बाल कलाकार: मुख्य अभिनेताओं के अलावा स्कूल के बच्चों की एक्टिंग इतनी प्राकृतिक है कि लगता ही नहीं वे कैमरे के सामने एक्टिंग कर रहे हैं।
निर्देशन और स्क्रीनप्ले
हिमांक गौर के निर्देशन में बनी यह वेब सीरीज पहले 3 एपिसोड्स में काफी रफ्तार पकड़ती है और आपको ठहाके लगाने पर मजबूर करती है।
हालांकि, चौथे और पांचवें एपिसोड के आसपास कहानी थोड़ी खिंची हुई और ओवर-ड्रामेटिक लगती है। कुछ सब-प्लॉट्स की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं लगती और क्लाइमैक्स वैसा नहीं मिलता जैसा दर्शक उम्मीद करते हैं। फिर भी, आखिरी एपिसोड्स में सीरीज अपनी पकड़ वापस बना लेती है।
देखें या न देखें?
अगर आप परिवार के साथ बैठकर एक साफ-सुथरी, मनोरंजक और विचारणीय सीरीज देखना चाहते हैं, तो ‘आदर्श बाल विद्यालय’ एक अच्छा विकल्प है।
- स्टार रेटिंग: 3.5/5
- कहां देखें: ओटीटी (OTT)
- निदेशक: हिमांक गौर

