राष्ट्रीय गीत को लेकर तेज हुई बहस, सरकारी आयोजनों में सभी छह अंतरों के गायन के नियमों के बीच आया कदम
नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने निर्णय लिया है कि पार्टी के सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने अपने इस निर्णय के समर्थन में करीब नौ दशक पुराने ऐतिहासिक प्रस्ताव का हवाला दिया है। इस फैसले के बाद राष्ट्रीय गीत के गायन और स्वरूप को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ से लिया गया ‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है और संवैधानिक रूप से इसे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही सम्मान व दर्जा प्राप्त है।
संसदीय कानून और मौजूदा नियमों के बीच निर्णय कांग्रेस का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ समय पहले ही संसद ने वंदे मातरम् के गायन को जानबूझकर बाधित करने या रोकने के प्रयासों को दंडनीय अपराध घोषित किया था। हालिया कानूनी प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण को राष्ट्रगान के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत सभी सरकारी आयोजनों में इसके सभी छह अंतरों का गायन निर्धारित किया गया है।

