एक अप्रैल 2022 से मई 2025 के बीच जुटाई अकूत संपत्ति, दिल्ली एसीबी-III ने शुरू की जांच
हैदराबाद: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी और उनकी सीआईएसएफ में तैनात वरिष्ठ अधिकारी पत्नी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने पूर्व आयकर आयुक्त (छूट) हैदराबाद, जीवनलाल लाविडिया और उनकी पत्नी व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तत्कालीन डीआईजी शिप्रा श्रीवास्तव को वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में नामजद किया है।
जांच अवधि में 57.10 प्रतिशत अधिक मिली अवैध संपत्ति
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी-III), नई दिल्ली द्वारा 10 सितंबर को दर्ज की गई औपचारिक प्राथमिकी के अनुसार, जीवनलाल लाविडिया पर अपने सेवाकाल के दौरान भ्रष्ट आचरण के जरिए बड़े पैमाने पर संपत्ति बनाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। एजेंसी ने एक अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 के बीच की अवधि को जांच के दायरे में लिया था। इस समयावधि के दौरान अर्जित वित्तीय परिसंपत्तियों और राजस्व दस्तावेजों के विश्लेषण से खुलासा हुआ कि दंपति के पास मौजूद कुल चल एवं अचल संपत्ति उनकी ज्ञात और कानूनी आय के स्रोतों की तुलना में 57.10 प्रतिशत अधिक है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच तेज
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। जांच दल दोनों अधिकारियों के विभिन्न बैंक खातों, निवेश पोर्टफोलियो और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रहा है। मामले में जल्द ही अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है।

