संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा गिराने का लगाया आरोप; कांग्रेस की हताशा पर साधा तीखा निशाना
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासी घमासान छिड़ गया है। खरगे द्वारा दोनों शीर्ष नेताओं को ‘अवैध’ करार दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा ऐतराज जताते हुए जोरदार पलटवार किया है। शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के शीर्ष पदों पर बैठे जन-प्रतिनिधियों के खिलाफ इस प्रकार के अमर्यादित शब्दों का प्रयोग केवल व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि यह देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं और करोड़ों नागरिकों के स्पष्ट जनादेश का खुला अपमान है।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजयों का सामना करने के बाद कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपनी हताशा और कुंठा छिपा नहीं पा रहा है। देश की जनता ने पूर्ण लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को केंद्र की सत्ता सौंपी है। ऐसे में पूर्ण बहुमत और जनादेश से चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार और उसके नेतृत्व को ‘अवैध’ कहना कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता और जनता के फैसले के प्रति अनादर को प्रदर्शित करता है।
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि किसी भी स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था में पद की गरिमा, भाषा की मर्यादा और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होता है। जब विपक्ष के पास सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों पर तर्कपूर्ण बहस के लिए मुद्दे नहीं बचते, तो वह इस तरह की अशोभनीय बयानबाजी का सहारा लेने लगता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत दी कि वह संवैधानिक मर्यादाओं का आदर करना सीखे और जनता द्वारा बार-बार दिए जा रहे जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करे।

