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Monday, July 6, 2026

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असम कैबिनेट का बड़ा फैसला: बजट सत्र से पहले 7 विधेयकों को मंजूरी; ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और भूमि सुधारों पर रहेगा मुख्य जोर

गुवाहाटी: असम विधानसभा के आगामी बजट सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में रविवार (5 जुलाई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में सात अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों को विधिक मंजूरी दे दी गई है। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की स्थापना को सरल बनाना तथा ऐतिहासिक व सांस्कृतिक भूमियों का विधिक संरक्षण करना है।

कैबिनेट के इन सभी निर्णयों और प्रस्तावों को सोमवार (6 जुलाई 2026) से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के बजट सत्र में विधिक रूप से पटल पर रखा जाएगा।

1. असम भूमि एवं राजस्व विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सबसे महत्वपूर्ण विधिक संशोधन की जानकारी दी:

  • विशिष्ट भू-संरक्षण: असम भूमि एवं राजस्व विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत राज्य के सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
  • सख्त विधिक नियम: इस संशोधन के प्रभावी होने के बाद धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों और अन्य महत्वपूर्ण विरासत स्थलों के आसपास की जमीन केवल उन्हीं नागरिकों को विधिक रूप से बेची जा सकेगी, जिनके परिवार बरपेटा, बटाद्रवा और माजुली क्षेत्रों में पिछली तीन पीढ़ियों (Three Generations) से लगातार रह रहे हैं।
  • केंद्र के सुझाव शामिल: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक को राज्य विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी थी, लेकिन जब इसे राष्ट्रपति की विधिक मंजूरी के लिए भेजा गया, तब केंद्र सरकार ने इसे और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के लिए कुछ तकनीकी व विधिक सुझाव दिए थे। अब उन सुझावों को समाहित कर इसे दोबारा पेश किया जा रहा है।

2. कैबिनेट बैठक के अन्य प्रमुख विधिक व प्रशासनिक निर्णय

विधेयकों के अतिरिक्त असम कैबिनेट ने राज्य की कानून-व्यवस्था और कृषि-व्यापार को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण विधिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी है:

असम कैबिनेट निर्णय (जुलाई 2026)⎩⎧​1. एकीकृत आपातकालीन प्रणाली:2. दुग्ध क्रांति व इंफ्रास्ट्रक्चर:3. MSME को प्रोत्साहन:​असम पुलिस के लिए एक अत्याधुनिक ’इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम’ को विधिक मंजूरी।सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ’अमूल’ (Amul) के नए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी।नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में विधिक प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को बेहद सरल बनाने का प्रावधान।​

3. बजट सत्र में विधायी कार्यों पर रहेगी नजर

सोमवार से शुरू हो रहा असम विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक और विधायी, दोनों ही दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। सरकार इन सात नए विधेयकों के जरिए राज्य में निवेश के विधिक माहौल को सुधारने और स्थानीय भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने का एक मजबूत संदेश देना चाहती है। विशेष रूप से माजुली और बरपेटा जैसे सत्रों (Sattras) और सांस्कृतिक केंद्रों के आसपास भूमि हस्तांतरण के नए विधिक नियम राज्य की राजनीति में एक नया विमर्श स्थापित करेंगे।

गुवाहाटी: असम विधानसभा के आगामी बजट सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में रविवार (5 जुलाई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में सात अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों को विधिक मंजूरी दे दी गई है। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की स्थापना को सरल बनाना तथा ऐतिहासिक व सांस्कृतिक भूमियों का विधिक संरक्षण करना है।

कैबिनेट के इन सभी निर्णयों और प्रस्तावों को सोमवार (6 जुलाई 2026) से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के बजट सत्र में विधिक रूप से पटल पर रखा जाएगा।

1. असम भूमि एवं राजस्व विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सबसे महत्वपूर्ण विधिक संशोधन की जानकारी दी:

  • विशिष्ट भू-संरक्षण: असम भूमि एवं राजस्व विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत राज्य के सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
  • सख्त विधिक नियम: इस संशोधन के प्रभावी होने के बाद धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों और अन्य महत्वपूर्ण विरासत स्थलों के आसपास की जमीन केवल उन्हीं नागरिकों को विधिक रूप से बेची जा सकेगी, जिनके परिवार बरपेटा, बटाद्रवा और माजुली क्षेत्रों में पिछली तीन पीढ़ियों (Three Generations) से लगातार रह रहे हैं।
  • केंद्र के सुझाव शामिल: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक को राज्य विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी थी, लेकिन जब इसे राष्ट्रपति की विधिक मंजूरी के लिए भेजा गया, तब केंद्र सरकार ने इसे और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के लिए कुछ तकनीकी व विधिक सुझाव दिए थे। अब उन सुझावों को समाहित कर इसे दोबारा पेश किया जा रहा है।

2. कैबिनेट बैठक के अन्य प्रमुख विधिक व प्रशासनिक निर्णय

विधेयकों के अतिरिक्त असम कैबिनेट ने राज्य की कानून-व्यवस्था और कृषि-व्यापार को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण विधिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी है:

असम कैबिनेट निर्णय (जुलाई 2026)⎩⎧​1. एकीकृत आपातकालीन प्रणाली:2. दुग्ध क्रांति व इंफ्रास्ट्रक्चर:3. MSME को प्रोत्साहन:​असम पुलिस के लिए एक अत्याधुनिक ’इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम’ को विधिक मंजूरी।सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ’अमूल’ (Amul) के नए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी।नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में विधिक प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को बेहद सरल बनाने का प्रावधान।​

3. बजट सत्र में विधायी कार्यों पर रहेगी नजर
सोमवार से शुरू हो रहा असम विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक और विधायी, दोनों ही दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। सरकार इन सात नए विधेयकों के जरिए राज्य में निवेश के विधिक माहौल को सुधारने और स्थानीय भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने का एक मजबूत संदेश देना चाहती है। विशेष रूप से माजुली और बरपेटा जैसे सत्रों (Sattras) और सांस्कृतिक केंद्रों के आसपास भूमि हस्तांतरण के नए विधिक नियम राज्य की राजनीति में एक नया विमर्श स्थापित करेंगे।

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