पटना/भोजपुर: बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case) में राज्य पुलिस मुख्यालय ने एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई की है। बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांश कुमार ने सोमवार (22 जून 2026) को आधिकारिक तौर पर बताया कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट विधिक संदेश देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष है। उन्होंने आश्वासन दिया:
“भोजपुर एनकाउंटर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच (Impartial Investigation) की जा रही है। कानून से ऊपर कोई नहीं है; जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त विधिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
क्या है पूरा मामला?
- विवादास्पद एनकाउंटर: भोजपुर जिले में पुलिस और कथित अपराधियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी।
- उठे थे विधिक सवाल: एनकाउंटर के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ (Fake Encounter) करार दिया था और न्यायिक जांच की मांग की थी।
- विभागीय कार्रवाई: मामले के तूल पकड़ने और प्राथमिक विधिक समीक्षा के बाद, मानवाधिकारों और पुलिस मैनुअल के उल्लंघन के संदेह में ड्यूटी पर तैनात 5 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है।
विधिक प्रक्रिया और आगे की जांच
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी शुरू कर दी गई है। एनकाउंटर से जुड़े सभी फॉरेंसिक साक्ष्यों, केस डायरी और घटना के समय मौजूद गवाहों के बयानों की विधिक रूप से स्क्रूटनी की जा रही है ताकि सच सामने आ सके। इस त्वरित निलंबन को राज्य में कानून-व्यवस्था की साख और पुलिसिया कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

