अमेरिका में गर्भपात की दर थोड़ी बढ़ गई है, जबकि कई रिपब्लिकन-शासित राज्यों ने इस पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के रो बनाम वेड को पलटे ढाई साल होने को आए हैं। इसे पलटने से अमेरिकी राज्यों को गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने की मंजूरी मिल गई, लेकिन हालात अब भी पेचीदा हैं और इस पर कानूनी व राजनीतिक लड़ाई जारी है।
दरअसल रो बनाम वेड अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का मामला है। इसने 1973 में संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भपात को वैध बनाया था। गर्भपात पर पाबंदियों ने यह तो बदला है कि महिलाएं इसे कैसे करवा रही हैं, लेकिन इससे गर्भपात की संख्या पर खास असर नहीं पड़ा। 2022 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हर महीने गर्भपात की संख्या थोड़ी बढ़ी है। हालांकि, जिन राज्यों में पाबंदियां हैं, वहां यह लगभग शून्य हो गए हैं।
पाबंदी वाले राज्यों में महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
अमेरिका में जहां गर्भपात पर पाबंदियां हैं, वहां महिलाओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कम आय वाली, अल्पसंख्यक और प्रवासी महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। ऐसे में महिलाएं दो तरीके अपनाती हैं, उन राज्यों में जाना जहां गर्भपात कानूनी है, या गर्भपात की गोलियां लेना।
गर्भपात की गोलियां ज्यादा चलन में आ रही हैं
पाबंदी से पहले अमेरिका में लगभग आधे गर्भपात गोलियों से होते थे। अब दो-तिहाई से ज्यादा मामलों में गोलियों का इस्तेमाल हो रहा है। कई बार ये गोलियां टेलीहेल्थ सेवाओं के जरिए भी दी जाती हैं। 2024 के मध्य तक, 10 में से 1 गर्भपात टेलीहेल्थ के माध्यम से दी गई गोलियों से हुआ। लेकिन इस पर कानूनी विवाद बढ़ रहे हैं। जैसे, टेक्सास ने हाल ही में न्यूयॉर्क के एक डॉक्टर पर केस किया, जिसने टेलीमेडिसिन के जरिए एक महिला को गर्भपात की दवा दी थी।
बढ़ा महिलाओं का सफर
अमेरिका में जहां पाबंदियां हैं, वहां क्लीनिक बंद हो गए हैं या उन्होंने गर्भपात करना रोक दिया है। इससे महिलाएं उन राज्यों में जाने के लिए मजबूर हो रही हैं जहां यह कानूनी है। उदाहरण के लिए, टेक्सास की कई महिलाएं न्यू मैक्सिको और कंसास जाकर गर्भपात करवा रही हैं। कुछ संगठन यात्रा खर्च में मदद कर रहे हैं, लेकिन उनकी फंडिंग सीमित है।
फ्लोरिडा का नया गर्भपात प्रतिबंध बड़ा असर डाल रहा है
फ्लोरिडा, जो अमेरिका का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, ने 1 मई, 2024 से गर्भपात पर छह हफ्तों के बाद प्रतिबंध लगा दिया। इससे वहां गर्भपात की संख्या में बड़ी गिरावट आई है और महिलाओं को दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है। फ्लोरिडा से उत्तरी कैरोलाइना जैसे राज्यों तक पहुंचने में नौ घंटे तक लग सकते हैं।
कुछ राज्यों में बढ़ रहे क्लीनिक
जिन राज्यों में गर्भपात कानूनी है, जैसे इलिनॉय, कंसास और न्यू मैक्सिको वहां क्लीनिक अपनी सेवाएं बढ़ा रहे हैं। हालांकि, कुल गर्भपात प्रदाताओं की संख्या 2022 से लगभग समान ही है। कुछ अस्पताल अब गर्भपात की सेवाएं देना शुरू कर रहे हैं।
आपात स्थितियों में बढ़ रहा है खतरा
रो बनाम वेड के फैसले को पलटने के बाद उन महिलाओं के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं जिन्हें गर्भावस्था के दौरान गंभीर जटिलताएं होती हैं। संघीय नियमों के अनुसार, अस्पतालों को ऐसी स्थिति में गर्भपात की मंजूरी देनी चाहिए। लेकिन टेक्सास जैसे राज्य इस नीति का विरोध कर रहे हैं। कई मामलों में महिलाओं का आपात स्थिति में इलाज से इनकार कर दिया गया, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ गई।
गर्भपात अधिकारों का समर्थन बढ़ रहा है
रो बनाम वेड के फैसले के बाद कई राज्यों में गर्भपात से जुड़े मुद्दों पर वोटिंग हुई। 2024 में, पांच राज्यों ने गर्भपात के अधिकारों को अपने संविधान में जोड़ा। हालांकि, तीन राज्यों में ऐसे प्रयास असफल रहे। 2024 के चुनावों में, 60 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने गर्भपात को कानूनी रूप से समर्थन दिया, भले ही उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं को वोट दिया।

