दोहा: क़तर के विदेश मंत्रालय ने राजधानी दोहा के नज़दीक अपने जलक्षेत्र में एक मालवाहक जहाज़ को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। रविवार सुबह हुए इस हमले को क़तर ने अंतरराष्ट्रीय क़ानून का घोर उल्लंघन और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली एक खतरनाक कार्रवाई करार दिया है।
हमले का विवरण और क्षति
क़तर के विदेश मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला मेसाईद बंदरगाह के उत्तर-पूर्व में हुआ। बयान में कहा गया:
ड्रोन हमले के कारण जहाज़ पर मामूली आग लग गई थी।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
क़तर ने इसे ‘ख़तरनाक और तनाव बढ़ाने वाला’ कृत्य बताया है।
ईरानी मीडिया का दावा: ‘अमेरिकी मालिकाना हक वाला जहाज़’
क़तर के आधिकारिक बयान से पहले ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी और फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने इस हमले को लेकर बड़े दावे किए थे। ईरानी मीडिया के अनुसार:
निशाना बनाया गया मालवाहक जहाज़ अमेरिका का है।
जहाज़ अमेरिकी झंडे के तहत यात्रा कर रहा था और इसका मालिकाना हक भी अमेरिकी कंपनी के पास है।
क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी
यह हमला एक ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। हालांकि क़तर ने अपने बयान में हमले के पीछे किसी विशेष देश या संगठन का नाम नहीं लिया है, लेकिन ईरानी मीडिया की सक्रियता और दावों ने इस घटना को कूटनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल इस मामले में अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

