नई दिल्ली स्टेशन पहुंचने से पहले फंसे रहे यात्री; डिब्रूगढ़ व मुंबई राजधानी और वंदे भारत पर असर
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और रैलियों के चलते गुरुवार को सड़कों पर लगा भीषण ट्रैफिक जाम रेल यात्रियों के लिए भारी मुसीबत का सबब बन गया। दोपहर 12 बजे के बाद मध्य दिल्ली, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के संपर्क मार्गों और आसपास के प्रमुख इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस व्यापक जाम के कारण बड़ी संख्या में यात्री समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके और उनकी निर्धारित ट्रेनें छूट गईं।
रेल मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली कई महत्वपूर्ण और प्रीमियम ट्रेनों के यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। प्रभावित होने वाली प्रमुख गाड़ियों में डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, मुंबई राजधानी एक्सप्रेस और नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। समय पर स्टेशन न पहुंच पाने के कारण दर्जनों यात्रियों का सफर ऐन वक्त पर रद्द हो गया, जिससे उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस जाम का सबसे बड़ा असर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के 52 छात्रों के एक बड़े दल पर पड़ा। इन सभी छात्रों को ट्रेन संख्या 12424 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा करनी थी। छात्रों का समूह समय से पहले स्टेशन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन स्टेशन की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर लगे भीषण जाम में उनकी गाड़ियां फंस गईं। तमाम कोशिशों के बावजूद छात्र समय पर प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुंच पाए और ट्रेन अपने निर्धारित समय पर रवाना हो गई।
यातायात पुलिस के अनुसार, विपक्षी दलों के प्रदर्शन, सुरक्षा बैरिकेडिंग और डायवर्जन के चलते कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, पहाड़गंज और अजमेरी गेट की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई थी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसे संवेदनशील दिनों में स्टेशन पहुंचने के लिए सड़क मार्ग के बजाय दिल्ली मेट्रो सेवाओं का उपयोग करें, ताकि जाम की वजह से यात्रा बाधित न हो।

