जंतर-मंतर पर एक महीने के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; पीएम को सौंपी चिट्ठी
नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर पिछले एक महीने से अधिक समय से चले आ रहे आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा औपचारिक मंजूरी दिए जाने के बाद इस इस्तीफे को स्वीकृत माना जाएगा।
जंतर-मंतर से सीजेपी का ऐलान: ‘हमने कर दिखाया’
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल देखा गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा:
26 दिनों की भूख हड़ताल और छात्र संगठनों का संघर्ष
यह इस्तीफा जंतर-मंतर पर बीते एक महीने से जारी लगातार विरोध प्रदर्शन और अनशन का परिणाम माना जा रहा है:
- सोनम वांगचुक का अनशन: सीजेपी के मंच से मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में कड़े सुधारों की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।
- छात्रों की भागीदारी: आंदोलन में शुरुआत से ही कई छात्र संगठन शामिल रहे। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने भी मुख्य मंच के पास 23 दिनों तक अनवरत भूख हड़ताल की थी।
नीट विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर बढ़ रहे चौतरफा दबाव के बीच इस इस्तीफे को प्रदर्शनकारी छात्रों और नागरिक समूहों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

