कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता स्वप्ना बर्मन के घर पर हुई कथित आगजनी को लेकर राज्य में सियासी घमासान छिड़ गया है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
क्या है पूरा मामला?
एथलीट स्वप्ना बर्मन ने आरोप लगाया था कि उत्तर दिनाजपुर जिले में उनके वर्तमान निवास के ठीक बगल में स्थित उनके भाई के घर (टिन की संपत्ति) को अज्ञात उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया।
- धमकी के आरोप: बर्मन ने दावा किया कि चुनाव नतीजे आने के बाद से ही उनके भाई को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इसके अलावा, उन्हें खुद भी बलात्कार सहित गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।
- सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द: इस घटना से आहत होकर स्वप्ना बर्मन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अगर मुझे पता होता कि ऐसा होगा, तो मैं कभी राजनीति में नहीं आती। आज उन्होंने मेरे घर में आग लगा दी। राजनीति में आना एक गलती थी।”
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को घेरा
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने स्वप्ना बर्मन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भाजपा शासन और उसकी कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए।
- राजनीतिक विकल्प की सजा: बनर्जी ने लिखा, “एक एथलीट जिसने देश को गौरवान्वित किया, उसे सिर्फ इसलिए हिंसा, डराने-धमकाने और डर का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसने तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़े होने का फैसला किया।”
- लोकतंत्र पर संकट: उन्होंने आगे कहा कि यदि टीएमसी का समर्थन करने की कीमत किसी खिलाड़ी को अपना घर और परिवार जोखिम में डालकर चुकानी पड़ रही है, तो यह लोकतंत्र की बेहद चिंताजनक स्थिति है। भाजपा सरकार को इस गुंडागर्दी का जवाब देना होगा।
भाजपा का पलटवार: ‘बेईमान कंपनी छोड़ें स्वप्ना’
टीएमसी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष ने स्वप्ना बर्मन को राजनीति से दूर रहने की सलाह दी।
- गरिमा बनाए रखने की सलाह: दिलीप घोष ने कहा कि स्वप्ना एक सम्मानित एथलीट हैं और उन्हें उन लोगों की संगति से बचना चाहिए जो ‘दुनिया के सबसे खराब प्रतिनिधि’ हैं, क्योंकि यह उनके कद को शोभा नहीं देता।
- भाजपा का समर्थन: घोष ने कहा कि यदि वह यह बेईमान कंपनी छोड़ती हैं, तो भाजपा हमेशा एक खिलाड़ी के तौर पर उनके सम्मान में उनके साथ खड़ी रहेगी।
कौन हैं स्वप्ना बर्मन?
- ऐतिहासिक कामयाबी: स्वप्ना बर्मन ने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं की हेप्टाथलॉन स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। वह यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय हेप्टाथलीट हैं।
- राजनीतिक सफर: राजबंशी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली स्वप्ना इस साल 27 फरवरी को टीएमसी में शामिल हुई थीं। पार्टी ने उन्हें जलपाईगुड़ी के राजगंज से टिकट दिया था, लेकिन वे भाजपा के दिनेश सरकार से 21,000 से अधिक वोटों से चुनाव हार गईं।
- विवाद: राजनीति में आने से पहले वे उत्तर फ्रंटियर रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन में कार्यरत थीं। आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दिए बिना टीएमसी में शामिल होने और सरकारी सेवा नियमों (जो कर्मचारियों को राजनीति में भाग लेने से रोकते हैं) का उल्लंघन करने के कारण उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

