अंतर्वाली सारथी से आजाद मैदान के लिए रवाना हुए जरांगे पाटिल, त्योहारों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता
मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई में अनशन पर बैठने के ऐलान के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी गणेशोत्सव के पावन और भीड़भाड़ वाले त्योहारी सीजन के ठीक मुहाने पर इस बड़े आंदोलन के मुंबई पहुंचने की संभावना को लेकर राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। शीर्ष नेताओं ने आंदोलनकारियों से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयम बरतने का आग्रह किया है।
आजाद मैदान के लिए रवाना हुए जरांगे पाटिल मंगलवार को मनोज जरांगे पाटिल अपने समर्थकों के साथ पैतृक गांव अंतर्वाली सारथी से मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान की तरफ कूच कर चुके हैं। आंदोलन के इस नए चरण को देखते हुए मुंबई और आसपास के जिलों की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। सरकार का मानना है कि त्योहारों के चरम समय के दौरान इस तरह के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन से यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
सरकार ने दोहराया रुख, शांतिपूर्ण समाधान की अपील मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोहराया है कि सरकार संवाद के जरिए हर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, त्योहारों की संवेदनशीलता और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

