निर्देशक हनी त्रेहन का खुलासा- जी5 ने फोन पर दी थी जानकारी, सरकार का अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस का दौर जारी है। इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से फिल्म को अचानक हटाए जाने के पीछे का असल कारण क्या था, क्योंकि इसे लेकर भारत सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक आदेश या सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हालांकि, निर्देशक हनी त्रेहन ने ‘फोर्ब्स इंडिया’ को दिए अपने इंटरव्यू में पहली बार इस रहस्य से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई की रात लगभग आठ बजे उनके पास एक फोन आया था, जिसके बाद ही उन्हें समझ आ गया था कि कुछ गलत हो रहा है।
48 घंटे में जी5 से हटी फिल्म निर्देशक के अनुसार, जी5 पर रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 की टीम ने सीधे उनसे संपर्क कर इस निर्णय की जानकारी दी थी।
सरकारी आदेश पर सस्पेंस बरकरार फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने के बाद से ही लगातार राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। इसके बावजूद, प्रशासनिक स्तर पर फिल्म को हटाने का आधार क्या था, इस पर आधिकारिक चुप्पी कायम है, जिससे उद्योग और दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

