उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू बोले- ‘विमानन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना की जांच शुरू कर दी है। एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों की पूरी तरह जांच की जाएगी।
इससे पहले भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन को इस घटना के संबंध में तलब किया था। विल्सन ने मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा, “हम जांच के संबंध में अधिकारियों को अपडेट दे रहे थे।”
नागरिक उड्डयन मंत्री का कड़ा रुख इस मुद्दे पर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हम एयर इंडिया से भी घटना पर सीधे अपडेट लेना चाहते थे और यह देखना चाहते थे कि वे अपनी तरफ से इस मामले को किस तरह देख रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने बार-बार कहा है कि मंत्रालय के लिए विमानन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी पक्ष की ओर से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, चाहे वह रेग्युलेटर हो, एयरलाइन हो या कोई और। इसीलिए मंत्रालय की ओर से हमने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।”
4 अगस्त की घटना में 17 लोग हुए थे घायल गौरतलब है कि 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को उड़ान के दौरान अचानक तेज टर्बुलेंस (हवा के झटके) का सामना करना पड़ा था। इस दौरान विमान में सवार 13 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हो गए थे। एयर इंडिया के अनुसार, इस आपात स्थिति के बावजूद विमान बाद में सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया था।

