सिलीगुड़ी/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित साइबर क्राइम थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में उन पर ‘सनातन धर्म’ को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और संवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।यह कानूनी शिकायत अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि ममता बनर्जी के बयानों से बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इस तरह की बयानबाजी से समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने तथा तनाव पैदा होने का अंदेशा है। वर्ष 2025 के ईद कार्यक्रम का है मुख्य विवाद शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला हालिया बयानों के साथ-साथ उनके पिछले कुछ घटनाक्रमों से भी जुड़ा हुआ है: कोलकाता का ईद कार्यक्रम: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2025 में कोलकाता में आयोजित ईद के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने हिंदू समुदाय और सनातन धर्म के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था। चुनाव से पहले की टिप्पणियां: इसके अलावा, हालिया चुनावों से ठीक पहले भी उनके द्वारा इसी तरह के विभाजनकारी और विवादित बयान देने की बात शिकायत में कही गई है। प्रताड़ना का आरोप: अधिवक्ता रिंकी चटर्जी ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2025 में भी इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन तत्कालीन राजनीतिक दबाव के कारण उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित भी होना पड़ा था। पूर्व टीएमसी सांसद और गायक कबीर सुमन के खिलाफ भी एफआईआर ममता बनर्जी के अलावा, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद और बंगाल के प्रसिद्ध गायक-गीतकार कबीर सुमन भी एक अलग मामले में कानूनी शिकंजे में आ गए हैं। उनके खिलाफ कोलकाता के एक पुलिस थाने में गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है। महिलाओं और धर्म का अपमान: यह शिकायत जातिर कथा’ नामक एक सामाजिक संगठन द्वारा दर्ज कराई गई है। संगठन का आरोप है कि कबीर सुमन ने सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के खिलाफ बेहद अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे नारी शक्ति का अपमान हुआ है। धार्मिक भावनाएं आहत: शिकायत में यह भी कहा गया है कि सुमन के हालिया बयानों से हिंदू धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। संगठन का कड़ा रुख: संगठन के सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खुद को ‘बुद्धिजीवी’ (Intellectual) बताने वाले कबीर सुमन कई बार सार्वजनिक मर्यादा की सीमाएं पार कर चुके हैं। ऐसे अशोभनीय बयानों को समाज में कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता और वे इस मामले को तार्किक अंजाम तक ले जाने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे।

