मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र की सियासत में शब्दों के बाण अब सारी मर्यादाएं लांघने लगे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार (13 जून 2026) को बेहद आक्रामक और तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि चुनावी पराजय और राजनीतिक हताशा के कारण उद्धव गुट के नेता अपनी मानसिक सुध-बुध खो बैठे हैं और देश के संवैधानिक शीर्ष पद के साथ-साथ पूरे गुजरात राज्य की अस्मिता का घोर अपमान कर रहे हैं।
पुणे में संजय राउत ने क्या कहा था?
दरअसल, पुणे में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और बेहद निजी हमला बोला था। राउत ने कहा था, “मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में नरेंद्र मोदी जैसा ‘अघोरी’ और क्रूर व्यक्ति पहले कभी नहीं देखा। प्रधानमंत्री का पूरा व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली केवल डर पैदा करने वाली है।” इसके आगे उन्होंने एक और विवादित मोड़ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उसी मिट्टी से आते हैं, जहां क्रूर मुगल शासक औरंगजेब का जन्म हुआ था।
शहजाद पूनावाला का पलटवार: ‘राहुल गांधी दे चुके हैं 150 से अधिक गालियां’
संजय राउत के इस तीखे बयान पर नई दिल्ली से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक विशेष वीडियो बयान जारी कर विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) को आड़े हाथों लिया। पूनावाला ने कहा:
- गुजरात का अपमान: “विपक्षी नेताओं की हताशा अब अपनी नई ऊंचाइयों (गिरावट) पर पहुंच गई है। संजय राउत अब सिर्फ देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री का ही अपमान नहीं कर रहे, बल्कि गुजरात को ‘औरंगजेब की धरती’ बताकर वहां की पूरी गौरवशाली जनता और इतिहास का अपमान कर रहे हैं।”
- कांग्रेस और सहयोगियों का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड: पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल वैचारिक रूप से खोखले हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अब तक 150 से अधिक अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं।
- ठोस मुद्दों की कमी: भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी नेताओं के पास केंद्र सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और प्रधानमंत्री की आलोचना करने के लिए कोई ठोस राष्ट्रीय मुद्दा या फैक्ट्स नहीं हैं। जब उनके पास बहस के लिए कुछ नहीं बचता, तो वे बार-बार इसी तरह की ओछी गाली-गलौज और निजी हमलों का सहारा लेते हैं। भारत की समझदार जनता लोकतांत्रिक तरीके से इन्हें इसका करारा जवाब देगी।
‘कांग्रेस डूबता जहाज नहीं; शरद पवार करें पहल’ — संजय राउत
इस भारी विवाद के बीच संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें फडणवीस ने कांग्रेस को ‘डूबता हुआ जहाज’ कहा था। राउत ने कांग्रेस का बचाव करते हुए कहा, “कांग्रेस कोई डूबता हुआ जहाज नहीं है। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी भाजपा केवल कांग्रेस के नाम से डरती है। जिन कायर लोगों का न तो देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान था और न ही वे ‘संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन’ में कहीं दिखाई दिए, वे हमें इतिहास न सिखाएं।” > राउत ने महाविकास अघाड़ी (MVA) को और मजबूत करने की वकालत करते हुए राकांपा (SP) प्रमुख शरद पवार से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि अतीत में जिन नेताओं ने वैचारिक मतभेदों के कारण कांग्रेस छोड़ी थी, भाजपा की इस ‘विकृत राजनीति’ को हराने के लिए शरद पवार को पहल करके उन सभी को फिर से एक छतरी के नीचे लाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना (UBT) एक क्षेत्रीय दल होने के नाते इस एकजुटता के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।

