नई दिल्ली:
देश में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ साइबर अपराध के मामलों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। साल 2020 में दर्ज साइबर मामलों की संख्या जहाँ 50,035 थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 1,01,928 पर पहुँच गई है। ‘आईटी-बेईमानी-धोखाधड़ी’ से संबंधित साइबर अपराधों में पीड़ितों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।
साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (I4C) और ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) की भूमिका बेहद अहम साबित हो रही है।
साइबर अपराधों के आंकड़े (2020 – 2024)
| वर्ष | दर्ज साइबर मामले |
| 2020 | 50,035 |
| 2021 | 52,974 |
| 2022 | 65,893 |
| 2023 | 86,420 |
| 2024 | 1,01,928 |
प्रमुख साइबर अपराधों की स्थिति:
- आईटी धोखाधड़ी: वर्ष 2020 में 29,643 मामलों से बढ़कर 2024 में 44,872 हो गए।
- कंप्यूटर संबंधी अपराध: 2020 में 21,926 से बढ़कर 2024 में 36,920 हो गए।
- बेईमानी और धोखेबाजी: 2020 के मुकाबले 2024 में मामलों में 3 से 4 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हेल्पलाइन ‘1930’ और CFCFRMS: बचाए गए ₹11,158 करोड़ से अधिक
गृह मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली’ (CFCFRMS) तथा टोल-फ्री नंबर 1930 के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है:
- 30 जून 2026 तक: 32.80 लाख से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई गई है।
- 2021 से 2025 तक: NCRP पोर्टल पर 65.89 लाख से अधिक वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें आईं, जिनमें लगभग 55,050 करोड़ रुपये की रिपोर्टिंग हुई।
- FIR और होल्ड: 1.95 लाख से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं और ₹8,189 करोड़ से अधिक की राशि को बैंकों में फ्रीज/होल्ड (Lien) कराया गया।
‘प्रतिबिंब’ और JCCI की मदद से 29,837 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
अपराधियों के सटीक स्थान (Location) को मैप पर ट्रैक करने वाले ‘प्रतिबिंब’ मॉड्यूल और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से अब तक 29,837 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
तथा जामताड़ा, मेवात, अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़, विशाखापत्तनम और गुवाहाटी जैसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए 7 संयुक्त साइबर समन्वय दल (JCCT) का गठन किया गया है।
क्षमता निर्माण और नई पहलें
- साइट्रेन (CyTrain) पोर्टल: पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए शुरू इस पोर्टल पर 1.63 लाख से अधिक अधिकारी पंजीकृत हैं।
- साइबर कमांडो (Cyber Commandos): साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विशेष रूप से 281 साइबर कमांडो को प्रशिक्षित किया गया है।
- CCPWC योजना: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राज्यों को ₹132.93 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिसके तहत 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर फॉरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।
- धन बहाली मॉड्यूल (अप्रैल 2026 से चालू): पीड़ितों को धोखाधड़ी से हड़पी गई राशि शीघ्र वापस दिलाने और खातों पर लगे फ्रीज को समय पर हटाने के लिए शिकायत निवारण मॉड्यूल शुरू किया गया है।

