कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आबकारी शुल्क (Excise Duty) में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह से व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया है। जांच एजेंसी की कई टीमें कोलकाता में एक प्रमुख शराब वितरण कंपनी के कार्यालयों के साथ-साथ पुरुलिया जिले और अन्य पड़ोसी राज्यों में एक साथ विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं।
पुरुलिया में होटल कारोबारी के ठिकानों पर दबिश
ईडी अधिकारियों की एक टीम पुरुलिया जिले के नितुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत पारबेलिया बाजार के पास होटल कारोबारी सूरज विश्वकर्मा के आवास पर पहुंची। इसके अलावा उनके स्वामित्व वाले एक स्थानीय रेस्तरां और अन्य संपत्तियों पर भी सुबह से तलाशी जारी है।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए इन ठिकानों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
ईडी सूत्रों के अनुसार, पूरी कार्रवाई शराब बिक्री और वितरण से जुड़ी कंपनी द्वारा आबकारी शुल्क की कथित चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है:
- शुल्क चोरी: संबंधित कंपनी पर आरोप है कि उसने आबकारी शुल्क का सही भुगतान न करके सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।
- सप्लाई नेटवर्क पर नजर: ईडी उन रेस्तरां और रिटेल आउटलेट्स की भी जांच कर रही है, जहां इस कंपनी द्वारा सप्लाई की गई शराब बेची जाती थी।
2015-16 की FIR से 2021 की ECIR तक का सफर
इस पूरे घोटाले की पृष्ठभूमि काफी पुरानी है:
- राज्य पुलिस की कार्रवाई: आबकारी शुल्क में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सबसे पहले पश्चिम बंगाल राज्य पुलिस ने 2015-16 में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू की थी।
- ED का प्रवेश: पुलिस जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत सामने आने के बाद ईडी ने 2021 में मामला दर्ज (ECIR) कर स्वतंत्र जांच शुरू की।
- ताजा कार्रवाई: शुक्रवार को शुरू की गई यह बहु-राज्यीय छापेमारी इसी पुरानी ईसीआईआर (ECIR) जांच की एक कड़ी है, जिसके तहत वित्तीय लेन-देन और टैक्स चोरी के सबूत जुटाए जा रहे हैं।

