12 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ने के ट्रिब्यूनल सुझाव पर बैठक, सरकार क़ानूनी दायरे में लेगी फैसला
कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने बड़ा बयान दिया है। एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य खुद गहरे जल संकट से जूझ रहा है और सरकार अपने राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएगी।
जल प्रबंधन ट्रिब्यूनल ने कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 12 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की है। इस सुझाव के बाद राज्य में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि कर्नाटक के कई हिस्से सूखे की चपेट में हैं।
सूखे की स्थिति पर सरकार में मंथन मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि आयोजित बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में गहराते सूखे के संकट और पानी की कमी से निपटने की रणनीति तैयार करना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सभी वरिष्ठ हितधारक (स्टेकहोल्डर्स) एक साथ बैठकर जल्द ही आगे का अंतिम निर्णय लेंगे।
कानूनी दायरे में होगा फैसला खड़गे ने कहा, “हम अपने लोगों के हितों की रक्षा के लिए यहां हैं और ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएंगे जो उनके हितों के खिलाफ हो। सरकार जो भी फैसला करेगी, वह पूरी तरह से कानूनी दायरे में रहकर किया जाएगा।”

