मुंबई/ठाणे: केंद्रीय स्तर पर जारी नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच अब महाराष्ट्र से भी एक बड़ी और विधिक रूप से संवेदनशील खबर सामने आई है। राज्य में रविवार (28 जून 2026) को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-2026) को पेपर लीक की आशंका के चलते ऐन वक्त पर स्थगित (Postpone) कर दिया गया है। ठाणे जिले के भिवंडी शहर में पुलिस द्वारा की गई एक बड़ी विधिक छापेमारी के बाद यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तीखा विधिक व राजनीतिक हमला बोला है।
1. भिवंडी में आधी रात को छापेमारी; असली प्रश्नपत्र से मेल खाते मिले सवाल
ठाणे जिला प्रशासन और भिवंडी पुलिस के आधिकारिक विधिक बयानों के अनुसार, शनिवार सुबह खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अनधिकृत रूप से परीक्षा सामग्री रखने की पुख्ता सूचना मिली थी।
- कड़ी विधिक कार्रवाई: सूचना के आधार पर भिवंडी पुलिस की विशेष टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी अभियान में कुछ व्यक्तियों के पास से भारी मात्रा में ऐसे दस्तावेज और प्रश्न मिले, जो रविवार को होने वाले वास्तविक टीईटी पेपर से हूबहू (Exact Match) मेल खा रहे थे।
- मुकदमा दर्ज: भिवंडी पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए इस पेपर लीक सिंडिकेट में शामिल तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें विधिक हिरासत में ले लिया है।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) का विधिक रुख:
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कहा कि परीक्षाओं की विधिक शुचिता और पूर्ण पारदर्शिता (Complete Transparency) बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति की गंभीरता और इस रैकेट के पीछे छिपी बड़ी विधिक साजिश की गहन जांच की आवश्यकता को देखते हुए ही तत्काल प्रभाव से परीक्षा को स्थगित करने का विधिक निर्णय लिया गया है। परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा विस्तृत विधिक समीक्षा के बाद जल्द की जाएगी।
2. “यह पेपर लीक नहीं, भविष्य की चोरी है” — राहुल गांधी
इस परीक्षा घोटाले के सामने आते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
कांग्रेस नेतृत्व के मुख्य विधिक व राजनीतिक प्रहार:
- वसूली का तंत्र: राहुल गांधी ने अपने विधिक संदेश में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “देश की शिक्षा और संपूर्ण परीक्षा प्रणाली अब युवाओं के भविष्य को संवारने के बजाय ‘जबरन वसूली का एक तंत्र’ (Extortion System) बन चुकी है। इस विफलता के कारण देश का हर होनहार युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ एक तकनीकी पेपर लीक नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं के सुनहरे भविष्य की खुली चोरी है।”
- जवाबदेही तय करने की मांग: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपनी गंभीर विधिक चिंता व्यक्त की। उन्होंने देश के युवाओं से इस प्रशासनिक अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का विधिक आह्वान किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब तक युवा स्वयं अपने विधिक अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक वर्तमान सरकार और प्रधानमंत्री की कोई जवाबदेही तय नहीं होगी।
खेड़ा ने विधिक आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार देश में लगभग 90 अलग-अलग परीक्षाओं के पेपर लीक की ‘शर्मनाक सेंचुरी’ (Shameful Century) पूरी करने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महाराष्ट्र और केंद्र की तथाकथित डबल-इंजन सरकार जनहित के पहियों पर नहीं, बल्कि केवल इन बड़े घोटालों और भ्रष्टाचार के काले ईंधन पर चल रही है। ठाणे पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल फॉरेंसिक डेटा खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस लीक के तार राज्य के किन-किन बड़े विधिक व प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़े हैं।

