गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी का तीखा पलटवार, कहा- समझ आया चिदंबरम के दौर में नक्सलवाद क्यों फला-फूला
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमाग़ी नक्सल’ शब्द पर सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमाग़ी नक्सल’ होने पर गर्व है। चिदंबरम के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उन पर चौतरफा हमला बोल दिया है।
हर्ष सांघवी का यूपीए कार्यकाल पर बड़ा प्रहार चिदंबरम की टिप्पणी पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “हैरानी? बिल्कुल नहीं। अब हम समझ सकते हैं कि पी. चिदंबरम के गृह मंत्री रहते और यूपीए सरकार के दौरान नक्सलवाद क्यों फलता-फूलता रहा।”
आंकड़ों के जरिए आंतरिक सुरक्षा पर उठाए सवाल सांघवी ने आरोप लगाते हुए कहा, “अब हम समझ सकते हैं कि 2004 से 2014 के बीच नक्सलवाद से लड़ते हुए करीब 1,913 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ जवान क्यों मारे गए। यूपीए शासन में नक्सली हमलों में 5,019 से अधिक भारतीयों की जान क्यों गई। चिदंबरम के कार्यकाल में नक्सलियों के 92 फीसदी हथियार पुलिस शस्त्रागार से क्यों लूटे गए और 2013 में 182 ज़िले नक्सली हिंसा की चपेट में क्यों थे। आंतरिक सुरक्षा पर यूपीए का रिकॉर्ड खुद कहानी कहता है।”

