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सियासी हलचल: हिमंत बिस्वा सरमा का रहस्यमयी ट्वीट, शुभेंदु अधिकारी के साथ तस्वीर साझा कर विपक्ष पर साधा निशाना

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गुवाहाटी/कोलकाता: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट के कारण एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक तस्वीर साझा की है, जिसके साथ लिखा गया संदेश—“बुरे दिन….आप जानते हैं कौन”—अब सियासी गलियारों में चर्चा और कयासों का विषय बन गया है।

विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत?

यद्यपि मुख्यमंत्री सरमा ने अपने पोस्ट में किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया है, लेकिन कूटनीतिक और राजनीतिक जानकार इसे सीधे तौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी मान रहे हैं। इस छोटे से संदेश ने असम और बंगाल दोनों राज्यों में राजनीतिक हलचल को नई हवा दे दी है।

असम: पवन खेड़ा के साथ कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि

राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग इस ट्वीट को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ओर इशारा मान रहा है। गौरतलब है कि असम चुनाव के दौरान पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे।

  • आरोप: खेड़ा ने दावा किया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
  • कानूनी कार्रवाई: इन आरोपों के खिलाफ रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कराया था, जो वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। माना जा रहा है कि “बुरे दिन” का संकेत इसी कानूनी लड़ाई के अगले चरण की ओर हो सकता है।

पश्चिम बंगाल: TMC पर सीधा प्रहार

शुभेंदु अधिकारी को टैग करना इस पोस्ट को पश्चिम बंगाल की राजनीति से मजबूती से जोड़ता है। शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाकर इतिहास रचा है।

  • वह लंबे समय से ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर मुखर रहे हैं।
  • जानकारों के अनुसार, यह ट्वीट बंगाल में विपक्ष (TMC) के लिए एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, जिसमें आने वाले समय में कड़े प्रशासनिक या कानूनी फैसलों का संकेत छिपा हो सकता है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

हिमंत बिस्वा सरमा का यह पोस्ट वायरल होते ही दो धड़ों में बंट गया:

  • भाजपा समर्थक: इसे विपक्ष के भ्रष्टाचार और आरोपों के खिलाफ एक “न्यायपूर्ण चेतावनी” के रूप में देख रहे हैं।
  • विपक्ष (कांग्रेस/TMC): विपक्षी समर्थकों ने इसे केवल एक “राजनीतिक स्टंट” और ध्यान भटकाने वाली गतिविधि करार दिया है।

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