सुप्रीम कोर्ट ने नहीं ठहराया गैरकानूनी; राफेल मामले की तरह फिर बिना शर्त माफी मांगने की नौबत आने का किया दावा
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के फॉर्म-6 और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े हालिया बयानों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दो प्रमुख विषयों पर देश की जनता को जानबूझकर भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास किया है। पात्रा ने कहा कि उनका पहला झूठ फॉर्म-6 की कानूनी स्थिति से संबंधित है, जबकि दूसरा चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र और अदालती प्रक्रिया को लेकर फैलाया गया है।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि फॉर्म-6 पूरी तरह से गैरकानूनी था, जबकि वास्तविकता यह है कि देश की किसी भी अदालत ने इसे अवैध घोषित नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शीर्ष अदालत ने केवल याचिका में फॉर्म-6 के प्रारूप में बदलाव के उल्लेख का संज्ञान लेते हुए मामले के परीक्षण की बात कही है, न कि इसे असंवैधानिक या गैरकानूनी ठहराया है।
भाजपा प्रवक्ता ने साफ किया कि भाजपा ने कभी भी फॉर्म-6 में किसी प्रकार के बदलाव के लिए कोई सहमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि यदि इसमें कोई संशोधन हुआ भी है, तो वह विधिवत नोटिस जारी होने और पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। अपनी बात को पुख्ता करते हुए पात्रा ने 26 सितंबर 2018 के चुनाव आयोग के आधिकारिक प्रेस बयान का हवाला दिया, जिसमें आयोग ने स्पष्ट रूप से बताया था कि फॉर्म-6 में कोई फेरबदल नहीं किया गया था और उसके साथ संलग्न घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने भी पूर्ण वैधानिकता दी थी।
राहुल गांधी के इन आरोपों की तुलना राफेल सौदे के पुराने विवाद से करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता की आदत बिना तथ्यों के सनसनीखेज आरोप लगाने की रही है। उन्होंने याद दिलाया कि राफेल मामले में भी राहुल गांधी ने मनगढ़ंत दावे किए थे, जिसके बाद उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष बाकायदा हलफनामा पेश कर बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी। पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर देश की लोकतांत्रिक साख को चोट पहुंचाना कांग्रेस की पुरानी फितरत बन चुका है।

