रावलपिंडी/नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के एक बयान को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता कार्यालय ‘आईएसपीआर’ (ISPR) ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर भारतीय सेना प्रमुख के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे ‘आक्रामक व गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया।
क्या था भारतीय सेना प्रमुख का बयान?
शनिवार को भारतीय सेना की सालाना सिविल-मिलिट्री डिबेट ‘सेना संवाद 2026’ के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी से एक सवाल पूछा गया था। उनसे पूछा गया कि “अगर पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया जिससे फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ करने के लिए मजबूर होना पड़ा, तो पाकिस्तान को क्या जवाब देंगे?”
इस सवाल का सीधा जवाब देते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा:
“अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को सपोर्ट करता रहा और भारत विरोधी गतिविधियों से बाज़ नहीं आया, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल और इतिहास का हिस्सा बना रहना चाहता है या नहीं।”
पाकिस्तानी सेना (ISPR) का पलटवार
भारतीय सेना प्रमुख के इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से रविवार को जवाबी बयान जारी किया गया। आईएसपीआर ने परमाणु युद्ध की परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा:
- “इस तरह का भौगोलिक ख़ात्मा यक़ीनन दोतरफ़ा होगा, क्योंकि एक परमाणु राष्ट्र को किसी दूसरे परमाणु राष्ट्र को मिटाने की बात करने के बजाय धैर्य और गंभीरता दिखानी चाहिए।”
- पाकिस्तान ने ग्लोबल स्टेज पर अपनी अहमियत बना ली है। वह एक घोषित न्यूक्लियर पावर (परमाणु शक्ति) है और साउथ एशिया के भूगोल और इतिहास का एक कभी न मिटने वाला हिस्सा है।
‘आठ दशकों के बाद भी सबक नहीं सीखा’
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में भारतीय नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि आठ दशक बीत जाने के बावजूद, इंडियन लीडरशिप न तो पाकिस्तान के वजूद (कॉन्सेप्ट) को दिल से अपना पाई है और न ही उसने इतिहास से कोई सबक़ सीखा है। आईएसपीआर ने आरोप लगाया कि भारत की इसी सोच की वजह से दक्षिण एशिया का क्षेत्र बार-बार युद्धों और संकटों की ओर धकेला जाता है और दिल्ली का यह आक्रामक रवैया पाकिस्तान को नुक़सान पहुँचाने में उसकी नाकामी और निराशा को दर्शाता है।

