गाज़ियाबाद: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले से कानून व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता को ठेंगा दिखाने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ लॉ (LLB) की एक छात्रा से बलात्कार के आरोपी सुशील प्रजापति की डासना जेल से ज़मानत पर रिहाई के बाद उसके समर्थकों ने जेल के मुख्य गेट पर ही किसी सेलिब्रिटी की तरह उसका भव्य स्वागत किया। इस शक्ति प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अभियुक्त और उसके दर्जन भर समर्थकों के खिलाफ नई एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?
दरअसल, अभियुक्त सुशील प्रजापति को लगभग नौ महीने जेल में काटने के बाद 17 मई को ज़मानत पर रिहाई मिली थी। रिहाई वाले दिन उसके भारी संख्या में समर्थक डासना जेल के दरवाजे पर पहुंच गए। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुशील प्रजापति को समर्थकों ने कंधों पर उठा रखा है और उसे फूल-मालाएं पहनाई जा रही हैं। जेल के मुख्य गेट से शुरू हुआ यह जुलूस गाड़ियों के एक बड़े काफिले के रूप में मुरादनगर स्थित उसके घर तक गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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लापरवाही से गाड़ी चलाने और रास्ता रोकने का केस दर्ज
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया। इस नई एफआईआर में शिकायतकर्ता खुद जेल चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार हैं। चौकी इंचार्ज के मुताबिक, अभियुक्त और उसके साथियों ने जेल के गेट से कुछ दूर जाकर यह स्वागत किया और वीडियो बनाई। पुलिस ने अभियुक्त सुशील और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक रोड पर लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 285 (सार्वजनिक रास्ते में बाधा या खतरा पैदा करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
लॉ की छात्रा से रेप का है आरोप
उल्लेखनीय है कि गाज़ियाबाद की रहने वाली एक लॉ छात्रा ने 8 अगस्त 2025 को मुरादनगर थाने में सुशील के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर के अनुसार, दोनों की मुलाकात नवंबर 2021 में हुई थी। अभियुक्त ने वकील से मिलवाने का झांसा देकर छात्रा को एक फ्लैट पर बुलाया, जहाँ कोल्ड ड्रिंक में नशा मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस ने उसे 11 अगस्त को गिरफ्तार कर डासना जेल भेजा था।
पुलिस का बयान: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे विवाद और जेल के सामने पुलिस मुस्तैदी पर सवाल उठने के बाद डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्पष्ट किया है कि मामला संज्ञान में आते ही तुरंत एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद इस मामले के सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

