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Saturday, June 13, 2026

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ममता बनर्जी के घर बैठक में थे अभिषेक, पीछे से 2 घंटे इंतजार कर CID ने घर पर थमाया दूसरा समन; अब भड़काऊ बयान मामले में 16 जून को पेशी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त और राज्य में हुए ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर चौतरफा कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अपराध जांच विभाग (CID) ने अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और नया मोर्चा खोलते हुए उन्हें दूसरा आधिकारिक नोटिस थमा दिया है।

यह नया मामला हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक कथित भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान से जुड़ा हुआ है। सीआईडी की साइबर क्राइम विंग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अभिषेक बनर्जी को आगामी 16 जून 2026 को जांच अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास पर 2 घंटे जमी रही CID की टीम

इस हाई-प्रोफाइल समन को तामील कराने (नोटिस देने) का घटनाक्रम भी बेहद नाटकीय रहा। सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के निजी आवास पर पहुंची। जांच अधिकारी करीब दो घंटे तक उनके घर पर ही डेरा डाले रहे, क्योंकि उनके पास सख्त निर्देश थे कि कानूनी नियमों के तहत यह समन सीधे अभिषेक बनर्जी के हाथों में ही दिया जाए। हालांकि, जब सीआईडी की टीम वहां पहुंची, तो अभिषेक बनर्जी अपने घर पर मौजूद नहीं थे।

ममता बनर्जी के आवास पर चल रही थी आपात बैठक

अभिषेक बनर्जी के परिजनों और उनके निजी कार्यालय के कर्मचारियों ने जांच टीम को सूचित किया कि वे पास में ही अपनी पार्टी की सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास पर बुलाई गई एक अत्यंत महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में भाग लेने गए हुए हैं। सीआईडी अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक उनके लौटने का इंतजार किया, लेकिन जब वे बैठक से वापस नहीं लौटे, तो कानूनी औपचारिकता पूरी करते हुए नोटिस को अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के एक वरिष्ठ कर्मचारी (रिप्रेजेंटेटिव) को सौंप दिया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया, “जांच के तय मानकों और विधिक प्रक्रियाओं के तहत यह नोटिस पूरी तरह वैध और सही तरीके से तामील करा दिया गया है। आरोपी नेता को अब आगामी 16 जून को सुबह हर हाल में सीआईडी की जांच टीम के सामने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा।”

बागुईआटी थाने से शुरू होकर CID तक कैसे पहुंचा यह केस?
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, यह पूरा विवाद चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक तीखे भाषण के बाद शुरू हुआ था। विपक्ष की ओर से दर्ज कराई गई मुख्य शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभिषेक बनर्जी के विवादित बयान से राज्य में सांप्रदायिक और राजनीतिक सौहार्द बिगड़ा तथा भारी तनाव पैदा हुआ।

  • चरण 1: यह शिकायत सबसे पहले उत्तर 24 परगना के बागुईआटी पुलिस थाने में एक आपराधिक मामले के रूप में दर्ज की गई थी।
  • चरण 2: मामले के डिजिटल और सोशल मीडिया साक्ष्यों को देखते हुए इसकी शुरुआती तकनीकी जांच कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध थाने (Cyber Crime Police Station) को सौंपी गई।
  • चरण 3: मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय स्तर के राजनेता के शामिल होने के कारण राज्य सरकार ने इसकी सघन जांच का जिम्मा अंततः सीआईडी (CID) के विशेष प्रकोष्ठ को सौंप दिया, जो अब नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रही है।

24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा झटका: 14 जून को हस्ताक्षर जालसाजी में भी पेशी

अभिषेक बनर्जी के लिए यह कानूनी झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले (गुरुवार को) ही उन्होंने विधानसभा में ‘नेता प्रतिपक्ष’ की नियुक्ति से जुड़े कथित हस्ताक्षर फर्जीवाड़े (Signature Forgery Case) के एक अलग मामले में सीआईडी मुख्यालय (भवानी भवन) में करीब छह घंटे लंबी और मैराथन पूछताछ का सामना किया था।

सीआईडी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उस हस्ताक्षर जालसाजी वाले पुराने मामले में भी उन्हें 14 जून 2026 को दोबारा पूछताछ के लिए भवानी भवन बुलाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव को अब 48 घंटे के भीतर दो अलग-अलग मामलों में सीआईडी के तीखे सवालों का सामना करना होगा— पहले 14 जून को फर्जीवाड़ा केस में और फिर 16 जून को भड़काऊ बयानबाजी के केस में।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि दो चरणों में संपन्न हुए ऐतिहासिक विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत और टीएमसी की विदाई के बाद, राज्य का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र अब बिना किसी राजनीतिक दबाव के पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित घोटालों और मुकदमों की तेजी से फाइलें खोल रहा है, जिससे तृणमूल खेमे में भारी हड़कंप है।

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