हावड़ा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के सख्त इरादे साफ कर दिए हैं। बागनान में भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की नृशंस हत्या के मामले में मुख्यमंत्री ने शनिवार (27 जून 2026) को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट विधिक निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्राथमिकी (FIR) में नामजद सभी 51 आरोपियों को बिना किसी विधिक ढील के तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राज्य में अब वोट बैंक या धर्म के नाम पर किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने हावड़ा के बागनान स्थित मृतक प्रशांत डे के पैतृक आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी विधिक व व्यक्तिगत श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने में आईजी (IG), डीआईजी (DIG), एसपी (SP) और जिला मजिस्ट्रेट (DM) के साथ एक उच्च स्तरीय विधिक समीक्षा बैठक की।
1. “चाहे पाताल में छिपे हों हत्यारे, सजा ऐसी होगी जो मिसाल बनेगी”
समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से विधिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा:
- त्वरित चार्जशीट और ट्रायल: “मैंने सीआईडी को स्पष्ट विधिक निर्देश दिए हैं कि कुल 51 नामजद आरोपियों में से जो 41 आरोपी अभी भी फरार हैं, उन्हें पाताल से भी ढूंढकर गिरफ्तार किया जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपियों की पुलिस कस्टडी (Police Custody) के दौरान ही अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल होनी चाहिए, ताकि कस्टडी में रहते हुए ही विधिक मुकदमे की सुनवाई (Trial) शुरू हो सके।”
- BNS के तहत अधिकतम सजा: अपराधियों को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए और कड़े प्रावधानों के तहत अधिकतम विधिक सजा दिलाई जाएगी। इसके लिए सरकार एक विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) की नियुक्ति कर रही है। वर्तमान में सीआईडी की 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) इस पूरे विधिक मामले की कमान संभाल रही है।
- मफिजुल रहमान अब भी फरार: 17 जून 2026 को हुई इस हत्या का मुख्य आरोपी स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता मफिजुल रहमान बताया जा रहा है, जिसकी विधिक गिरफ्तारी के लिए पुलिस हर संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही है।
2. पीड़ित परिवार के लिए वित्तीय सहायता और विधिक नौकरी का एलान
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार की आजीविका और विधिक संबल के लिए राज्य सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं की हैं:
| सहायता का प्रकार | विवरण और विधिक रूपरेखा (Details) |
|---|---|
| अतिरिक्त आर्थिक सहायता | जिला प्रशासन द्वारा पहले दी गई ₹4 लाख की मदद के अतिरिक्त ₹5 लाख की नई विधिक सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी (कुल ₹9 लाख)। |
| सरकारी नौकरी का प्रावधान | मृतक प्रशांत डे की बहन को योग्यता के आधार पर संविदा (Contractual Basis) पर तत्काल सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। |
| अवैध संपत्तियों की कुर्की | जिला मजिस्ट्रेट (DM) को निर्देश दिए गए हैं कि फरार आरोपियों द्वारा जबरन कब्जाई गई जमीनों और अवैध संपत्तियों की विधिक जांच कर उन्हें तुरंत जब्त/ध्वस्त करने की विधिक कार्रवाई की जाए। |
पृष्ठभूमि: 17 जून को पीट-पीटकर की गई थी हत्या
बागनान मंडल-5 के अंतर्गत बूथ संख्या 197 के बीजेपी उपाध्यक्ष प्रशांत डे (39 वर्ष) की 17 जून 2026 को चुनाव के बाद भड़की राजनीतिक और सांप्रदायिक हिंसा के तहत कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। उन पर उस समय हमला हुआ जब वे एक सामाजिक कार्यक्रम में जा रहे थे। सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण बागनान ग्रामीण अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। इस हमले में तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
“अब शासकों की मर्जी से नहीं, कानून का राज चलेगा”
वोट बैंक की राजनीति पर तीखा विधिक प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में अपराधियों का मनोबल इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें राजनीतिक व धार्मिक संरक्षण मिलता था और वे कानून की विधिक पकड़ से बच जाते थे। पहले राज्य में शासकों की मर्जी का कानून था, लेकिन अब बंगाल की धरती पर ‘कानून का राज’ (Rule of Law) विधिक रूप से स्थापित हो चुका है।
अधिकारी ने इस दौरान वर्ष 2021 के चुनाव के बाद हुई ऐतिहासिक हिंसा और बागनान में एक मूक-बधिर महिला के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के विधिक मामले का भी उल्लेख किया, जिसकी जांच वर्तमान में कलकत्ता हाईकोर्ट के विधिक आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशांत डे के हत्यारों को ऐसी विधिक सजा दिलाई जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बनेगी।

