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एयरो इंडिया-2025 की शुरुआत: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने तेजस में भरी उड़ान

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बेंगलुरु के येलहंका वायुसेना स्टेशन पर रविवार को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस में उड़ान भरकर एयरो इंडिया-2025 का शुभारंभ किया। यह एक प्रमुख एयरोस्पेस कार्यक्रम है, जो सोमवार से 14 फरवरी तक चलेगा।

आसमान में दिखा ऐतिहासिक नजारा

जब एयर चीफ मार्शल और सेना प्रमुख तेजस विमान में उड़ान भर रहे थे, तब सभी की नजरें आसमान की ओर थीं। सफल उड़ान के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे अपने जीवन का सबसे बेहतरीन अनुभव बताया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके गुरु हैं और उन्हें अफसोस है कि उन्होंने भारतीय वायुसेना को क्यों नहीं चुना।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी का उत्साह

जनरल द्विवेदी ने उड़ान के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह उनके जीवन का सबसे अविस्मरणीय पल था। उन्होंने बताया कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके साथी हैं और दोनों राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में एक साथ पढ़े थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि काश, एयर चीफ मार्शल उनसे पहले मिलते तो शायद वह भी वायुसेना में भर्ती हो जाते और एक लड़ाकू पायलट बनते।

एयर चीफ मार्शल को बताया गुरु

जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज से एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके गुरु हैं, क्योंकि उन्होंने उन्हें आसमान में कई तरह की भूमिकाएं और गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस उड़ान का भरपूर आनंद लिया और कहा कि इसमें कई चुनौतियां थीं। साथ ही, उन्होंने वायुसेना के पायलटों द्वारा उठाए जाने वाली चुनौतियों की सराहना की और कहा कि यह बेहतरीन तालमेल और कौशल की मांग करता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई खुशी

कर्नाटक के बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बेंगलुरु और पूरा कर्नाटक राज्य लंबे समय से परिवर्तनकारी नेताओं और नवाचार के केंद्र के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत का एयरोस्पेस उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र, विशेष रूप से एयरोस्पेस सेक्टर, नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि अब भारत प्रमुख रक्षा उपकरणों और प्लेटफार्मों को डिजाइन और विकसित करने में सक्षम है और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला भी तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि भारत में एक मजबूत निजी रक्षा उद्योग उभर रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम योगदान दे रहा है।

एयरो इंडिया 2025: 900 से अधिक प्रदर्शक होंगे शामिल

राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि एयरो इंडिया 2025 में 900 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी है, जिनमें 150 विदेशी प्रदर्शक और 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह आयोजन भारत की बढ़ती एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

एलसीए तेजस: भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान

लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए स्वदेशी रूप से विकसित एक लड़ाकू विमान है। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने डिजाइन किया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने निर्मित किया है। यह चौथी पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।

एएमसीए: भारत का 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) भारतीय वायुसेना के लिए विकसित किया जा रहा एक अत्याधुनिक 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। यह एक मध्यम भार श्रेणी का मल्टी-रोल ट्विन इंजन विमान है, जिसका कुल वजन लगभग 25 टन होगा। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा विकसित किया गया है।

एएमसीए की प्रमुख विशेषताएँ

  • स्टील्थ तकनीक: यह विमान दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता रखता है।
  • AI-संचालित इलेक्ट्रॉनिक पायलट: यह पायलट को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।
  • स्वचालित लक्ष्य पहचान: उन्नत नेविगेशन और टारगेटिंग सिस्टम।
  • संयुक्त विजन सिस्टम: खराब दृश्यता में भी उड़ान संभव।
  • मल्टी-सेंसर डेटा फ्यूजन: बेहतर युद्धक्षमता के लिए विभिन्न सेंसरों की सूचनाओं का एकीकरण।

भविष्य की युद्ध रणनीति में एएमसीए की भूमिका

एएमसीए को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह न केवल मानवयुक्त मिशनों में उपयोगी होगा, बल्कि यह मानवयुक्त और मानवरहित विमानों के साथ मिलकर भी काम कर सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक और सक्षम लड़ाकू विमान प्रदान करना है, जो भविष्य की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

निष्कर्ष

एयरो इंडिया-2025 का यह आयोजन भारत की बढ़ती एयरोस्पेस शक्ति और स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को दर्शाता है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा तेजस में उड़ान भरना इस कार्यक्रम की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक शुरुआत है। एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग में भारत की उपलब्धियों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।

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