33 C
Mumbai
Sunday, May 24, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान में रेस्क्यू हुआ 47 दिनों से लापता मेडिकल छात्र, बैग-मोबाइल चोरी होने के बाद सड़कों पर भीख मांगने को था मजबूर

मुंबई/नांदेड़: मुंबई पुलिस के एक विशेष भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान (Anti-Begging Campaign) के दौरान एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मुंबई की सड़कों पर भीख मांग रहे एक ऐसे 25 वर्षीय युवक को रेस्क्यू किया है, जो पिछले 47 दिनों से लापता था और पेशे से एक मेडिकल छात्र है। मानसिक तनाव और कंगाली के कारण वह दाने-दाने को मोहताज हो चुका था।

पुलिस के अनुसार, बचाया गया युवक अभय सुरेश बेलकोनी है, जो नांदेड़ का निवासी है और जलगांव के एक मेडिकल कॉलेज से बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) तृतीय वर्ष (3rd Year) की पढ़ाई कर रहा है। वह गत 4 अप्रैल से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था।

ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी हुआ सब कुछ, ऐसे फंसा मायानगरी में

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभय 4 अप्रैल को अपने गृह नगर नांदेड़ से जलगांव स्थित कॉलेज जाने के लिए ट्रेन से निकला था।

  • सामान की चोरी: यात्रा के दौरान ट्रेन में किसी अज्ञात चोर ने अभय का बैग, मोबाइल फोन, पैसे और जरूरी पहचान पत्र (IDs) सहित उसका सारा कीमती सामान पार कर दिया।
  • मुंबई पहुंचने की मजबूरी: बिना पैसे और संपर्क के साधनों के अभय रास्ता भटक गया और नांदेड़ या जलगांव पहुंचने के बजाय देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंच गया।
  • भीख मांगने की नौबत: मायानगरी मुंबई में बिना किसी पहचान और पैसों के फंस जाने के बाद, पेट भरने और जिंदा रहने के लिए इस होनहार मेडिकल छात्र को मजबूरन सड़कों पर भीख मांगनी पड़ी।

ये भी पढ़ेंपश्चिम बंगाल में बकरीद की छुट्टी में बड़ा बदलाव: अब 28 मई को रहेगा अवकाश, सरकार ने जारी किया नया नोटिफिकेशन

मलाड पुलिस ने भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान में ऐसे पहचाना

मलाड पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को पश्चिमी उपनगर मलाड के एस.वी. रोड (SV Road) पर गश्त और भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान के दौरान पुलिस की नजर इस युवक पर पड़ी।

अधिकारी का बयान:

“जब युवक को रेस्क्यू किया गया, तो वह शारीरिक रूप से बेहद कमजोर और कुपोषित दिख रहा था। अत्यधिक मानसिक तनाव (Mental Stress) के कारण उसकी दिमागी स्थिति भी ठीक नहीं लग रही थी और वह पुलिस के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था। हालांकि, काफी सहूलियत देने के बाद उसने टूटे-फूटे शब्दों में अपना नाम और अपना गृह नगर नांदेड़ बताया।”

नांदेड़ पुलिस से संपर्क कर मिलाया परिवार

युवक से सुराग मिलने के बाद मलाड पुलिस ने तुरंत नांदेड़ के तमसा पुलिस थाने से संपर्क साधा। वहां से पुष्टि हुई कि इस हुलिए के एक मेडिकल छात्र की गुमशुदगी (Missing Report) की शिकायत पहले से दर्ज है।

  • परिजनों की कोशिशें: परिवार के अनुसार, लापता होने के दो दिन बाद यानी 6 अप्रैल को अभय ने एक रेलवे स्टेशन के वेंडर (दुकानदार) के मोबाइल से घर पर फोन किया था। लेकिन वह अपनी पूरी स्थिति और लोकेशन बता पाता, इससे पहले ही कॉल कट गई। बाद में जब परिवार ने उस नंबर पर दोबारा बात की, तो वेंडर ने बताया कि युवक वहां से कहीं जा चुका है।
  • 16 मई को दर्ज हुई थी FIR: हर जगह तलाश करने के बाद जब अभय का कोई सुराग नहीं मिला, तो हताश परिजनों ने 16 मई को नांदेड़ पुलिस में उसकी गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

ये भी पढ़ें12 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्या का दोषी वकील; पैरोल पर भागकर मुंबई में बन गया था टीवी एक्टर

सुरक्षित घर वापसी:

जैसे ही मुंबई पुलिस ने अभय के मिलने की सूचना नांदेड़ में उसके पिता को दी, परिवार में खुशी के आंसू छलक पड़े। कानूनी प्रक्रियाएं और पहचान की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, मुंबई पुलिस ने उसी दिन छात्र अभय को सुरक्षित और सकुशल उसके पिता व परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here