तिरुवनंतपुरम/कोझिकोड: केरल में मानसून के सीजन के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। राज्य में सोमवार (22 जून 2026) को बैक्टीरियल बीमारी शिगेला (Shigella Infection) के 10 नए पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिसके बाद इस वर्ष राज्य में कुल संक्रमितों का विधिक आंकड़ा बढ़कर 226 तक पहुंच गया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने इस आपातकालीन स्थिति पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि नए मामले चार अलग-अलग जिलों में दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने तटीय राज्य में निपाह वायरस (Nipah) के नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर पसार रहे घातक इबोला (Ebola) वायरस को लेकर की गई विधिक व प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
1. शिगेला संक्रमण का बढ़ता दायरा: जून में 6 मौतें
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, केवल जून के महीने में ही पूरे केरल में शिगेला के 150 मामले और 06 दर्दनाक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। सोमवार को आए 10 नए मामलों का जिला-वार विवरण इस प्रकार है:
- कोझिकोड: 07 नए मामले (सबसे प्रभावित केंद्र)
- वायनाड: 01 नया मामला
- एर्नाकुलम: 01 नया मामला
- मलप्पुरम: 01 नया मामला
प्रकोप क्षेत्र घोषित: संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने कोझिकोड, वायनाड, त्रिशूर और अलाप्पुझा जिलों को आधिकारिक रूप से ‘प्रकोप क्षेत्र’ (Outbreak Zones) घोषित कर दिया है। इसके अलावा मलप्पुरम, तिरुवनंतपुरम, कन्नूर, कोल्लम, इडुक्की, एर्नाकुलम और पलक्कड़ से भी लगातार छिटपुट मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलने वाले इस बैक्टीरिया को रोकने के लिए विधिक क्लोरीनीकरण अभियान चला रहा है।
2. निपाह वायरस पर विधिक नियंत्रण; 104 लोग कड़ी निगरानी में
घातक निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने राज्य के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए बताया कि कोझिकोड में सरकार के बीमारी-नियंत्रण उपाय (Containment Measures) पूरी तरह प्रभावी साबित हुए हैं।
- चेन तोड़ी गई: इस बात के कोई विधिक प्रमाण नहीं मिले हैं कि संक्रमण पहले से संक्रमित मरीज से आगे किसी अन्य व्यक्ति में फैला हो। चिकित्सा अधिकारियों ने मरीज की ‘कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग’ (Contact Tracing) करते हुए अस्पताल, कार्यस्थल और उसके द्वारा देखी गई सभी जगहों का रूट मैप तैयार कर लिया था।
3. अफ्रीका में फैले इबोला को लेकर केरल में ‘हाई अलर्ट’
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे अफ्रीकी देशों में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के विधिक दिशा-निर्देशों के तहत अपनी सीमाएं और हवाई अड्डे अलर्ट मोड पर डाल दिए हैं:
- 21 दिनों का अनिवार्य क्वारंटीन: प्रभावित देशों से आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 21 दिनों तक होम या संस्थागत क्वारंटीन में रहना और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में रिपोर्ट करना विधिक रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए राज्य के सभी 14 जिलों में आधुनिक आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।
- यात्रियों का आधिकारिक डेटा: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक इबोला प्रभावित अफ्रीकी क्षेत्रों से कुल 206 यात्री केरल के हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर पहुंचे हैं, जिनका विधिक स्टेटस नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| यात्रियों की श्रेणी / विधिक स्थिति | संख्या (Total Passengers) |
| होम क्वारंटीन में सक्रिय निगरानी के तहत | 74 यात्री |
| क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके / राज्य छोड़ चुके | 75 यात्री |
| आगे की सख्त निगरानी हेतु अन्य राज्यों को ट्रांसफर | 57 यात्री |
| कुल संचयी आगमन (Total Arrival) | 206 यात्री |
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य का चिकित्सा ढांचा किसी भी आपात स्थिति से विधिक रूप से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है और हवाई अड्डों (Airports) पर थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जा रही है।

