2014 ग्लासगो में मीराबाई को मिला था रजत पदक, 2018 और 2022 में भारत के नाम किया था स्वर्ण
नई दिल्ली (एएनआई/आईएएनएस): भारतीय महिला भारोत्तोलक (वेटलिफ़्टर) मीराबाई चनू को लेकर अक्सर एक भ्रम की स्थिति बनी रहती है कि उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। हालाँकि खेल रिकॉर्ड के अनुसार मीराबाई चनू ने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड नहीं, बल्कि सिल्वर (रजत) मेडल हासिल किया था। उस वक्त उन्होंने महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में कुल 170 किलोग्राम (स्नैच में 75 kg और क्लीन एंड जर्क में 95 kg) वजन उठाया था।
ग्लासगो के बाद मीराबाई चनू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार वापसी की और लगातार दो बार देश के लिए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पहला गोल्ड मेडल साल 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स (48 kg वर्ग) में जीता था। इसके बाद साल 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स (49 kg वर्ग) में भी उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन को दोहराते हुए लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता।
लगातार दो बार जीता बीबीसी पुरस्कार
मीराबाई चनू की उपलब्धियाँ सिर्फ राष्ट्रमंडल खेलों तक ही सीमित नहीं रही हैं। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने के लिए उन्हें देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। इसी जन समर्थन के आधार पर पब्लिक वोटिंग के ज़रिए उन्होंने साल 2021 और साल 2022 का ‘बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड’ लगातार दो बार अपने नाम किया।

