चीन ने शुक्रवार को देश में फ्लू के बड़े पैमाने पर प्रकोप की खबरों को कमतर आंकते हुए कहा कि सर्दियों के दौरान होने वाली सांस से संबंधी बीमारियों के मामले पिछले साल की तुलना में इस साल कम गंभीर हैं। इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशियों के लिए चीन की यात्रा करना सुरक्षित है।
मामले में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने चीन में इन्फ्लूएंजा ए और अन्य सांस से संबंधी बीमारियों के प्रसार पर एक सवाल के जवाब में बीजिंग में मीडिया से कहा, ‘उत्तरी इलाके में सांस संबंधी संक्रमण सर्दियों के मौसम में चरम पर होते हैं।’ सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में अस्पतालों में भीड़ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, ‘बीमारियां पिछले साल की तुलना में कम गंभीर और कम पैमाने पर फैलती हुई दिखाई दे रही हैं।’
चीन में यात्रा करना सुरक्षित है- विदेश मंत्रालय
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि चीनी सरकार चीन में चीनी नागरिकों और विदेशियों के स्वास्थ्य की परवाह करती है। चीन में यात्रा करना सुरक्षित है।’ उन्होंने सर्दियों में सांस से संबंधी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के संबंध में चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का भी जिक्र किया। चीन में पिछले कुछ महीनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया वार्षिक घटना
बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से चीन में बड़े पैमाने पर फ्लू के प्रकोप की खबरें विदेशों में, खासकर भारत और इंडोनेशिया में फैल रही हैं। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह प्रकोप सर्दियों के दौरान होने वाली एक वार्षिक घटना है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कोरोना के बाद चीन में एक और संक्रामक रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल और श्मशान घाटों में भारी भीड़ देखी जा रही है। इन खबरों ने सवाल खड़े कर दिए है कि क्या कोरोना की ही तरह चीन से एक और महामारी दुनियाभर में फैलने वाली है?

