30.2 C
Mumbai
Wednesday, June 17, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

मुंबई में गहराया जल संकट: जलाशयों में बचा सिर्फ 10.35% पानी; BMC ने कमर्शियल सप्लाई में की 20% कटौती, कंस्ट्रक्शन और स्विमिंग पूल कनेक्शंस सस्पेंड

मुंबई: मानसून के आगमन में देरी और भीषण गर्मी के चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) पर पानी का एक बहुत बड़ा संकट मंडराने लगा है। महानगर को पानी की आपूर्ति करने वाली प्रमुख झीलों का संयुक्त जलस्तर तेजी से गिरकर अपनी कुल क्षमता का महज 10.35 प्रतिशत ($10.35\%$) ही रह गया है। इस गंभीर आपातकालीन स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पूरे शहर में पानी की भारी किल्लत से निपटने के लिए बेहद कड़े और दंडात्मक जल संरक्षण उपायों की घोषणा कर दी है।

बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, मुंबई के सभी औद्योगिक (Industrial), व्यावसायिक (Commercial) और खेल प्रतिष्ठानों (Sports Clubs) को होने वाली दैनिक जलापूर्ति में तत्काल प्रभाव से 20 प्रतिशत की भारी कटौती की जा रही है। इसके साथ ही, शहर में चल रहे सभी बड़े निर्माण कार्यों (Construction Projects) और सार्वजनिक व निजी स्विमिंग पूलों के लिए पानी के कनेक्शन को अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया गया है। पानी की कटौती से जुड़ा यह नया प्रतिबंध बुधवार यानी 17 जून 2026 से पूरे मुंबई में लागू हो जाएगा।

10 प्रतिशत पानी कटौती पहले से लागू; अब नए प्रतिबंधों की सूची जारी

गौरतलब है कि झीलों में पानी के घटते स्तर को देखते हुए बीएमसी ने पहले ही 15 मई 2026 से पूरे मुंबई शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर रखी थी। अब मानसून की बेरुखी के कारण 17 जून से निम्नलिखित अतिरिक्त और कड़े विनियामक प्रतिबंध जोड़ दिए गए हैं:

  • कंस्ट्रक्शन साइट्स पर रोक: मुंबई में चल रहे नए निर्माण कार्यों के लिए अब पानी के किसी भी नए कनेक्शन की मंजूरी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, मौजूदा निर्माण स्थलों और सभी स्विमिंग पूलों की जलापूर्ति को अस्थायी रूप से काट दिया गया है।
  • बोतलबंद और सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों पर नकेल: बिसलेरी जैसी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कंपनियों और एरेटेड ड्रिंक्स (जैसे कोकाकोला, पेप्सी, स्प्राइट, फैंटा) बनाने वाले प्लांट्स को बीएमसी अब मैन्युफैक्चरिंग के लिए पानी नहीं देगी। इन प्लांट्स को केवल वहां काम करने वाले कर्मचारियों की बुनियादी पीने की जरूरतों के हिसाब से ही सीमित पानी आवंटित किया जाएगा।
  • बर्बादी पर सख्त कार्रवाई: बीएमसी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी नागरिक, सोसायटी या संस्थान पीने के पानी का दुरुपयोग (जैसे गाड़ी धोना, आंगन धोना) करते या उसे बर्बाद करते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत 4,664 मिलियन लीटर की, मिल रहा सिर्फ 4,100 मिलियन लीटरमुंबई महानगर की दैनिक जलापूर्ति के आंकड़े इस समय बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच गए हैं। आंकड़ों के लिहाज से स्थिति निम्नलिखित है:

विवरणमात्रा (प्रति दिन)
मुंबई की कुल दैनिक पानी की आवश्यकता~4,664 मिलियन लीटर
वर्तमान में की जा रही औसत जलापूर्ति~4,100 मिलियन लीटर
दैनिक जलापूर्ति में शुद्ध कमी (Deficit)~564 मिलियन लीटर

16 जून 2026 तक झीलों में बचा हुआ 10.35% का स्टॉक तब तक जलापूर्ति बनाए रखने के लिए बीएमसी के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है, जब तक कि जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में भारी और पर्याप्त वर्षा नहीं हो जाती। राज्य के जल संसाधन विभाग से मिले कड़े विधिक निर्देशों के बाद ही बीएमसी इन मितव्ययिता उपायों (Austerity Measures) को लागू कर रही है।

रेलवे, नेवी और बड़े उद्योगों को रिसाइकिल्ड वाटर यूज करने की सलाह

जल संकट की गंभीरता को देखते हुए बीएमसी ने केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि शहर के सबसे बड़े सरकारी और कॉर्पोरेट उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं:

  1. पब्लिक टॉयलेट्स के लिए निर्देश: सार्वजनिक शौचालयों का संचालन करने वाले सुलभ इंटरनेशनल और अन्य सामाजिक संगठनों को निर्देश दिया गया है कि वे फ्लशिंग और सफाई के लिए पीने के पानी के बजाय केवल टैंकरों, स्थानीय कुओं या बोरवेल के पानी का ही अधिकतम उपयोग करें।
  2. गैर-पीने योग्य कार्य: वाहनों को धोने, बागवानी करने, बिल्डिगों के परिसरों और सड़कों की सफाई के लिए केवल बोरवेल और कुएं के पानी के उपयोग को ही अनिवार्य किया गया है।
  3. री-यूज़ (Reuse) की सख्त सलाह: मुंबई के प्रमुख और बड़े राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों, जिनमें सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे, आरसीएफ (RCF), एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL), भारतीय नौसेना (Navy), महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी शामिल हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने दैनिक परिचालन और द्वितीयक (Secondary) कार्यों के लिए केवल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) से उपचारित अपशिष्ट जल (Recycled Waste Water) का ही पुन: उपयोग करें ताकि पीने के साफ पानी को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here