सुधारवादी नेता ने किया राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान के रुख का समर्थन, कूटनीति से विवाद सुलझाने की दी सलाह
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति और प्रमुख सुधारवादी नेता मोहम्मद खातमी ने अमेरिका के साथ हुए सहमति पत्र (एमओयू) का खुला समर्थन किया है। उन्होंने देश के नेतृत्व और आवाम से अपील करते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। बीबीसी फ़ारसी के अनुसार, खातमी ने जोर देकर कहा कि युद्ध की परिस्थितियों के बाद देश और जनता के लिए यह आगे बढ़ने का एक शानदार मौका है।
खातमी ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और सैन्य कमांडरों द्वारा इस समझौते तक पहुंचने के फैसले की सराहना की। उन्होंने वर्तमान राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के साहस और त्याग की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके इस कूटनीतिक कदम का स्वागत किया जाना चाहिए।
कूटनीति और समझदारी से काम लेने पर जोर
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, “हालांकि अमेरिका पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता, फिर भी इन संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को समझदारी और कूटनीति से ही निपटाना होगा। मुझे उम्मीद है कि इस बार यह मौका नहीं गंवाया जाएगा। यदि यह अवसर चूक गया, तो देश के सामने खतरे और भी गंभीर हो सकते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में दोनों पक्षों को रियायतें देनी और लेनी पड़ती हैं।
रूढ़िवादियों के विरोध के बीच ‘सम्मानजनक शांति’ की मांग
हाल के हफ्तों में ईरान के कट्टरपंथी और रूढ़िवादी गुट राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की बातचीत की नीति की आलोचना कर रहे हैं। इस पर खातमी ने कहा कि देश को एक ‘सम्मानजनक शांति’ हासिल करने की जरूरत है, ताकि गंभीर आर्थिक मुश्किलों और आजीविका के संकट से जूझ रहे आम नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य की राह तैयार हो सके।

