नई दिल्ली: अब देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को घर बैठे या एक ही स्थान पर बैठकर देश के सबसे प्रसिद्ध और पौराणिक मंदिरों के गर्भगृह, वहां होने वाली आरतियों और विशेष अनुष्ठानों का ऐसा अनुभव मिलेगा, मानो वे स्वयं वहां प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हों। आध्यात्मिक मंच ‘दुर्लभ दर्शन’ ने एक अभूतपूर्व पहल करते हुए विश्व की पहली 100% मेड इन इंडिया 6D वीआर (Virtual Reality) टेक्नोलॉजी को लॉन्च किया है।
इस अनूठी आध्यात्मिक और तकनीकी यात्रा को जीवंत बनाने के लिए प्रख्यात फिल्म अभिनेता, प्रखर वक्ता और लेखक आशुतोष राणा बतौर ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर इस प्रोजेक्ट से जुड़ गए हैं। दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस अनूठे संगम को परिभाषित करते हुए कहा— “धर्म का अपना विज्ञान होता है और विज्ञान का अपना धर्म, पर जहां धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह ‘दुर्लभ दर्शन’ है।”
1. क्या है यह विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी? (अभूतपूर्व अनुभव)
दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations द्वारा विकसित यह तकनीक केवल दृश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण ‘इमर्सिव एक्सपीरियंस’ (Immersive Experience) प्रदान करती है:
- बहुआयामी संवेदनशीलता: इस वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट के जरिए भक्त न केवल 3D दृश्यों को देख पाएंगे, बल्कि मंदिर के वास्तविक वातावरण में मौजूद जल (धुंध), वायु (हवा के झोंके) और विशिष्ट सुगंध (धूप-अगरबत्ती) की भी हूबहू भौतिक अनुभूति कर सकेंगे।
- पेटेंटेड स्वदेशी तकनीक: यह पूरी तरह भारत में निर्मित तकनीक है, जिसके पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है। इसकी विशेष 6D मशीन को किसी भी आकार के अनुभव केंद्र में आसानी से स्थापित किया जा सकता है।
देश के इन 7 राज्यों के प्रमुख केंद्रों में उपलब्ध है यह सुविधा
दुर्लभ दर्शन और आशुतोष राणा मिलकर देश-विदेश में 100 से अधिक 6D अनुभव केंद्र खोलने जा रहे हैं। वर्तमान में यह सेवा देश के 7 राज्यों के निम्नलिखित प्रमुख धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों में संचालित हो रही है:
| राज्य / क्षेत्र | संचालित प्रमुख ‘दुर्लभ दर्शन’ केंद्र |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | काशी विश्वनाथ (वाराणसी), राजद्वार पार्क व हनुमान गढ़ी (अयोध्या) |
| मध्य प्रदेश | महाकालेश्वर (उज्जयिनी), मां बगलामुखी (नलखेड़ा), मां शारदा शक्तिपीठ (मैहर) |
| जम्मू-कश्मीर व दिल्ली | माता वैष्णो देवी, इस्कॉन (ISKCON) मंदिर (कैलाश, दिल्ली) |
| उत्तराखंड व हरियाणा | पावन धाम (हरिद्वार), मां भद्रकाली शक्तिपीठ (कुरुक्षेत्र) |
| महाराष्ट्र व गुजरात | महालक्ष्मी मंदिर (नागपुर), नीलकंठ धाम (गुजरात) |
आशुतोष राणा ही क्यों बने इस मिशन का चेहरा?
दुर्लभ दर्शन के संस्थापक, आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और पूर्व आईआरएस (IRS) अधिकारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि आशुतोष राणा का चयन केवल उनकी अभिनय क्षमता के कारण नहीं किया गया है। वे भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन और अध्यात्म के गहरे अध्येता हैं। उनकी चर्चित विधिक व सांस्कृतिक पुस्तक “राम राज्य” ने आधुनिक समय के संदर्भ में भगवान श्रीराम के आदर्शों को बेहद सरल और प्रभावशाली ढंग से समाज के सामने प्रस्तुत किया है, जो इस मंच के मेंटर के रूप में हमारा विधिक मार्गदर्शन करेंगे।

