नई दिल्ली: बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Exploitation) और इंटरनेट पर उनसे जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भारत सरकार की कड़े विधिक रुख और सख्ती के बाद सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने बड़ा कदम उठाया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने एक आधिकारिक ब्लॉग जारी कर बताया है कि उसने पिछले छह महीनों के भीतर भारत में करीब 1.60 लाख (160,000) संदिग्ध अकाउंट्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित और डिलीट कर दिया है।
मेटा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को विधिक नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
1. एआई (AI) आधारित टूल्स से पकड़े गए संदिग्ध नेटवर्क
मेटा ने अपने ब्लॉग में विस्तार से बताया कि वह इस विधिक व सामाजिक अपराध को रोकने के लिए किस प्रकार के तकनीकी तंत्र का उपयोग कर रही है:
- संदिग्ध गतिविधियों की ट्रैकिंग: कंपनी ने इन अकाउंट्स की पहचान के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल किया है।
- सिग्नल और लिंक का विश्लेषण: ये एआई टूल्स प्लेटफॉर्म पर साझा होने वाले संदिग्ध लिंक, बच्चों के शोषण से जुड़े गुप्त संकेतों (Signals) और असामान्य यूजर बिहेवियर का वास्तविक समय (Real-time) में पता लगाकर उन्हें तुरंत ब्लॉक करने का विधिक कार्य करते हैं।
2. सरकार की सख्ती और मेटा की विधिक प्रतिबद्धता
इस बड़ी तकनीकी कार्रवाई के मुख्य पहलुओं और पृष्ठभूमि को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| मुख्य बिंदु | विवरण और विधिक कड़ियां |
|---|---|
| कार्रवाई का दायरा | भारत में पिछले 6 महीनों के भीतर करीब 1.60 लाख अकाउंट्स स्थायी रूप से ब्लॉक। |
| मुख्य कारण | चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों पर रोक लगाना। |
| ट्रिगर पॉइंट | भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन सुरक्षा नियमों (IT Rules) के तहत मेटा से मांगा गया विधिक स्पष्टीकरण। |
| मेटा का रुख | कंपनी ने कहा कि बच्चों का शोषण एक बेहद गंभीर विधिक व सामाजिक अपराध है और उनके प्लेटफॉर्म पर इसके लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ है। |
3. संदिग्ध नेटवर्कों को ध्वस्त करने की योजना
मेटा के अनुसार, अपराधियों का सिंडिकेट अक्सर गुप्त कोड और नए अकाउंट्स बनाकर इस तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करता है। इसे रोकने के लिए मेटा की सुरक्षा टीमें विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) और बाल सुरक्षा विधिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि केवल अकाउंट डिलीट करना ही काफी नहीं है; गंभीर मामलों में डेटा को सुरक्षित रखकर उसकी रिपोर्ट विधिक रूप से नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) को भी भेजी जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर अपराधियों की विधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

